भारतीय खिलाड़ियों में बढ़ता प्लांट-बेस्ड डाइट का चलन
भारत में एथलीटों के बीच प्लांट-बेस्ड डाइट लोकप्रियता हासिल कर रही है, जो प्रदर्शन और स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है। जानें क्यों।

नई दिल्ली: भारत में खेल जगत में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा जा रहा है। अधिक से अधिक पेशेवर एथलीट, जो पहले पारंपरिक रूप से डेयरी और मांस-आधारित आहार पर निर्भर थे, अब प्लांट-बेस्ड डाइट की ओर बढ़ रहे हैं। यह चलन न केवल बेहतर शारीरिक प्रदर्शन और तेज़ी से रिकवरी के वादे के साथ आ रहा है, बल्कि यह टिकाऊपन और नैतिक विचारों से भी प्रेरित है। भारत में दालें, बाजरा, मौसमी सब्जियाँ और फल जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थ इस नए आहार का मुख्य आधार बन रहे हैं, जो किफायती और पोषक तत्वों से भरपूर हैं।
क्या बदला है: प्रदर्शन में वृद्धि
संदर्भ: पारंपरिक आहार से प्लांट-बेस्ड की ओर
भारतीय एथलीटों में प्लांट-बेस्ड डाइट अपनाने की प्रवृत्ति (2020-2023)
यह डेटा भारत में खेल पोषण विशेषज्ञों के एक समूह द्वारा किए गए विश्लेषण पर आधारित है।
भारत में, जहाँ दालें, विशेष रूप से मसूर, अरहर और चना, प्रोटीन का एक मुख्य स्रोत रही हैं, प्लांट-बेस्ड डाइट को अपनाना स्वाभाविक लगता है। बाजरा, जैसे कि बाजरा और रागी, जो सदियों से भारतीय आहार का हिस्सा रहे हैं, अब एथलीटों के लिए जटिल कार्बोहाइड्रेट और सूक्ष्म पोषक तत्वों के एक उत्कृष्ट स्रोत के रूप में फिर से खोजे जा रहे हैं। मौसमी सब्जियों और फलों का सेवन, जो स्थानीय रूप से आसानी से उपलब्ध हैं, विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सिडेंट की आपूर्ति सुनिश्चित करता है। यह पारंपरिक ज्ञान आधुनिक खेल पोषण के साथ मिलकर एक शक्तिशाली संयोजन बनाता है।
प्रमुख पोषक तत्व और उनके स्रोत
- **प्रोटीन:** दालें (चना, मसूर, राजमा), सोया उत्पाद (टोफू, सोया चंक्स), क्विनोआ, मेवे और बीज।
- **आयरन:** पालक, बीन्स, दालें, कद्दू के बीज, गुड़। विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों के साथ सेवन करने पर अवशोषण बेहतर होता है।
- **कैल्शियम:** हरी पत्तेदार सब्जियाँ (पालक, मेथी), रागी, तिल, बादाम, फोर्टिफाइड प्लांट-बेस्ड दूध।
- **विटामिन बी12:** फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ (प्लांट-बेस्ड दूध, अनाज) और सप्लीमेंट्स। यह विटामिन मुख्य रूप से पशु उत्पादों में पाया जाता है, इसलिए सप्लीमेंट आवश्यक हो सकता है।
कौन प्रभावित हो रहा है: एथलीटों के अनुभव
कई भारतीय एथलीटों ने प्लांट-बेस्ड डाइट अपनाने के बाद अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार देखा है। उदाहरण के लिए, एक राष्ट्रीय स्तर की धाविका, प्रिया शर्मा (काल्पनिक नाम), ने बताया कि कैसे डेयरी उत्पादों को छोड़ने और अपने आहार में अधिक दालें और सब्जियाँ शामिल करने के बाद, उनकी सहनशक्ति बढ़ी और चोटों से उबरने का समय कम हो गया। इसी तरह, एक क्रिकेट खिलाड़ी ने साझा किया कि प्लांट-बेस्ड आहार ने उनके पाचन में सुधार किया और उन्हें अधिक ऊर्जावान महसूस कराया। ये व्यक्तिगत कहानियाँ सामूहिक प्रवृत्ति को दर्शाती हैं।

विशेषज्ञों की राय
“प्लांट-बेस्ड डाइट, जब ठीक से योजना बनाई जाए, तो यह एथलीटों के लिए सभी आवश्यक पोषक तत्व प्रदान कर सकती है। यह सूजन को कम करने, रिकवरी में तेजी लाने और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करती है।”
खेल पोषण विशेषज्ञ डॉ. आर. के. वर्मा के अनुसार, "कई एथलीटों को लगता है कि डेयरी उत्पाद उनके शरीर में सूजन पैदा करते हैं। प्लांट-बेस्ड विकल्पों पर स्विच करने से इस समस्या का समाधान हो सकता है।" उन्होंने यह भी बताया कि भारत में उपलब्ध विभिन्न प्रकार की दालें, बाजरा और सब्जियाँ एक संतुलित और संपूर्ण आहार सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त विविधता प्रदान करती हैं। हालांकि, उन्होंने विटामिन बी12 जैसे कुछ पोषक तत्वों के लिए सप्लीमेंटेशन की आवश्यकता पर जोर दिया।
आगे क्या: टिकाऊ खेल भविष्य
पशुधन बनाम पौधे-आधारित आहार से प्रति किलोग्राम CO2e उत्सर्जन
स्रोत: Our World in Data (2022)
जैसे-जैसे अधिक एथलीट प्लांट-बेस्ड जीवन शैली अपना रहे हैं, यह चलन भारत में खेल पोषण के भविष्य को आकार दे रहा है। यह न केवल व्यक्तिगत प्रदर्शन को बढ़ा रहा है, बल्कि एक अधिक टिकाऊ और नैतिक खाद्य प्रणाली की ओर भी बदलाव को बढ़ावा दे रहा है। स्थानीय रूप से उगाए जाने वाले, पौष्टिक और किफायती खाद्य पदार्थों पर ध्यान केंद्रित करके, भारतीय एथलीट एक स्वस्थ भविष्य का निर्माण कर रहे हैं – अपने लिए और ग्रह के लिए।
अहिंसा और खेल
प्लांट-बेस्ड डाइट का चयन अक्सर अहिंसा के सिद्धांतों से जुड़ा होता है। खेल में, जहाँ शारीरिक शक्ति और मानसिक दृढ़ता महत्वपूर्ण है, कई एथलीटों के लिए जानवरों के प्रति करुणा एक प्रेरक शक्ति बन रही है। यह समझना कि उनका आहार न केवल उनके शरीर को प्रभावित करता है, बल्कि अन्य जीवित प्राणियों और पर्यावरण को भी, उन्हें एक अधिक समग्र और नैतिक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
स्थानीय सामर्थ्य और उपलब्धता
भारत में प्लांट-बेस्ड डाइट की बढ़ती लोकप्रियता का एक महत्वपूर्ण कारण इसकी सामर्थ्य और उपलब्धता है। दालें, बाजरा, चावल, मौसमी सब्जियाँ और फल अधिकांश भारतीय घरों में आसानी से उपलब्ध और किफायती हैं। यह इसे पश्चिमी देशों के उन प्लांट-बेस्ड विकल्पों से अलग करता है जो अक्सर महंगे आयातित उत्पादों पर निर्भर करते हैं। स्थानीय कृषि और पारंपरिक खाद्य पदार्थों पर जोर भारत में इस आहार को टिकाऊ और सुलभ बनाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या प्लांट-बेस्ड डाइट एथलीटों के लिए पर्याप्त प्रोटीन प्रदान कर सकती है?
प्लांट-बेस्ड डाइट से एथलीटों को क्या स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं?
क्या प्लांट-बेस्ड डाइट में विटामिन बी12 की कमी हो सकती है?
कौन से भारतीय खाद्य पदार्थ प्लांट-बेस्ड एथलीटों के लिए महत्वपूर्ण हैं?
प्लांट-बेस्ड डाइट अपनाने के क्या पर्यावरणीय लाभ हैं?
क्या यह आहार बच्चों के लिए भी उपयुक्त है?
स्रोत और अधिक पढ़ें
- Our World in Data — Our World in Data (ourworldindata.org)
- Food and Agriculture Organization of the United Nations (FAO) — FAO (fao.org)
- World Health Organization (WHO) — WHO (who.int)
- Nature Food Journal — Nature Food (nature.com/natfood)